Sharabi Shayari in Hindi
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Best 155+ Sharabi Shayari in Hindi | शराबी शायरी हिंदी में जो दिल का दर्द बयां करे

शायरी हमेशा से उन जज्बातों की जुबान रही है जो आम बोलचाल में बयान नहीं होते। शराबी शायरी उस दर्द की आवाज है जो इंसान तब उठाता है जब दिल का बोझ इतना भारी हो जाता है कि सिर्फ जाम और शब्द ही साथ देते हैं। यह शायरी कमज़ोरी की नहीं, बल्कि उस बेबसी की कहानी है जो हर संवेदनशील दिल कभी न कभी जीता है।

चाहे आप किसी टूटे हुए रिश्ते का दर्द समेटे हों, किसी बेवफा की याद में डूबे हों, या बस ज़िंदगी की थकान को भुलाना चाहते हों, ये शराबी शायरी आपकी हमसफर बनेगी। इस संग्रह में 155 से अधिक बेहतरीन शायरियां हैं जो आपके दिल की हर कैफियत को बयां करती हैं।

Sharabi Shayari in Hindi

पीने वाले को पीने का बहाना चाहिए,
दिल टूटे या न टूटे, जाम उठाना चाहिए।

शराब पीता हूं मैं दर्द भुलाने को,
पर दर्द है कि और गहरा होता जाता है।

मयखाने में बैठकर खुद को भूल जाता हूं,
जब घर की याद आती है तो और पी जाता हूं।

ये जाम उठाना मेरी आदत नहीं मजबूरी है,
जब दिल भर आता है तो बोतल ही पूरी है।

रात भर पीता रहा, सुबह हुई तो रोया,
शराब ने दर्द नहीं, थोड़ी नींद दी थी मोया।

ये साकी भी जानता है मेरे दिल का हाल,
बिना पूछे भर देता है मेरा खाली प्याल।

मयकदे में बैठना अब घर लगता है मुझे,
जहां कोई न पूछे कि क्यों रोते हो तुझे।

पी लेता हूं थोड़ी सी हर शाम को यहां,
ताकि सुबह उठूं तो हो थोड़ा आसान जहां।

शराब नहीं पीता मैं, दर्द पीता हूं,
जाम में डुबोकर हर उस लम्हे को जीता हूं।

बोतल के तले एक कहानी छुपी होती है,
जो पीने वाले की जुबां पर ही सुनी होती है।

मयखाना मेरा मंदिर है, जाम मेरी पूजा,
यहां आकर दिल को मिलता है थोड़ा रूजा।

रात को नींद नहीं, दिन को चैन नहीं,
शराब के बिना अब कोई और बात नहीं।

पी लिया तो होश गया, नहीं पिया तो दर्द है,
इस ज़िंदगी का मेरे साथ यही मज़ाक कदर है।

जाम उठाता हूं जब यादें सताती हैं,
वो पल जो गुजर गए, रात को वापस आती हैं।

शराबी कहते हैं मुझे लोग बस्ती में,
पर कोई नहीं जानता मेरी असली हस्ती में।

Romantic Sharabi Shayari for Love and Intoxicated Emotions

तेरी आंखों की शराब से मैं पहले ही मस्त था,
यह बोतल तो बाद में उठाई जब तू चला गया।

तेरी याद का नशा सबसे गहरा होता है,
शराब तो बस उसकी परछाईं भर होती है।

मेरे होंठों पर जाम है पर नाम तेरा है,
हर घूंट में तेरा अक्स, हर रात में सवेरा है।

तुझे भुलाने को पीता हूं, पर तू याद आता है,
शराब का नशा उतरता है, तेरा नशा नहीं जाता है।

पहले तेरी बाहों में नशा था जिंदगी का,
अब बोतल में ढूंढता हूं वो एहसास प्यार का।

तू थी तो शराब की ज़रूरत न थी मुझे,
तू गई तो जाम ही बचा है सहारा देने को।

इश्क का नशा और शराब का नशा,
एक ने रुलाया, दूसरे ने थोड़ा सुलाया।

तेरे इंतज़ार में बैठा हूं मयखाने में आज,
शायद आ जाए तू, शायद मिले कोई आवाज़।

प्यार में डूबा था, अब शराब में हूं,
दोनों ने दिया नशा, दोनों से तबाह हूं।

तेरी मुस्कान याद करके जाम उठाता हूं,
शराब में तेरा चेहरा देखने की कोशिश पाता हूं।

रात को तेरी यादें और जाम साथ होते हैं,
दोनों मिलकर आंसू और नशा बोते हैं।

तुझसे मोहब्बत की, तूने छोड़ दिया,
अब शराब से दोस्ती की, उसने थाम लिया।

इश्क में जो दिल टूटा वो जुड़ा नहीं,
शराब ने दर्द घटाया पर मिटाया नहीं।

तेरे जाने के बाद हर रात एक सा है,
जाम हाथ में और होंठों पर बस तेरा नाम है।

मोहब्बत और शराब में एक बात समान है,
दोनों की लत लग जाए तो बड़ा नुकसान है।

Sad Sharabi Shayari for Heartbreak and Pain

दर्द इतना था कि जाम उठाना पड़ा,
ज़िंदगी से हारकर मयखाना ढूंढना पड़ा।

रोया तो था पर आंसू नहीं आए,
शराब पी तो दर्द थोड़े कम हो आए।

टूटा हुआ दिल लेकर मयखाने आया हूं,
यहां कोई नहीं पूछता कि क्यों रोया हूं।

हर घूंट एक दर्द है जो अंदर जाता है,
पर बाहर का दर्द थोड़ी देर को भूल जाता है।

तन्हाई और शराब मेरे दो यार हैं अब,
इनके बिना कटती नहीं मेरी कोई शब।

शराब पीकर रोना अलग तरह का दर्द है,
जब नशा उतरे और दर्द रहे, यही मेरी गर्द है।

हर रात एक नई बोतल, हर रात एक नया दर्द,
ज़िंदगी ने दिए ज़ख्म, मैंने बांटा अपना दर्द।

पी लेता हूं ताकि थोड़ी देर को भूल जाऊं,
जो खो गया उसे यादों में न डूब जाऊं।

दिल का दर्द बड़ा था, बोतल छोटी निकली,
रात गुजर गई पर तकलीफ वहीं की वहीं रही।

शराब से दोस्ती की जब दुनिया ने छोड़ा,
यह बोतल ही बची जब सबने मुंह मोड़ा।

जो ज़िंदगी ने दिया वो दर्द था बेहिसाब,
शराब ने उसे थोड़ा किया बेनकाब।

मयखाने में बैठा हूं अकेला आज रात,
दिल से निकलती है बस एक ही बात।

आंसू पीने को मन करता था,
शराब पीकर दिल हल्का करता था।

ज़िंदगी की थकान जब बहुत बढ़ जाती है,
एक जाम उठाने की इच्छा मन में आती है।

दर्द को शब्दों में न कह सका मैं,
इसीलिए जाम उठाकर पी गया मैं।

Funny Sharabi Shayari for Party Vibes

पीने से पहले मैं बहुत शर्मीला था,
पीने के बाद हर किसी का दोस्त बन गया।

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दो पेग में दर्शन, तीन में ज्ञान,
चार में नींद, यही है मेरी जान पहचान।

डॉक्टर ने कहा कम पियो, मैंने कहा ठीक है,
अब छोटे-छोटे गिलास में पीता हूं, है ना सही है।

पार्टी में जाने से पहले सब पीते हैं,
मैं पार्टी में जाने के बाद भी पीता हूं।

नींद नहीं आती, भूख नहीं लगती,
शराब पीने के बाद दोनों एक साथ आती।

यार बोला डाइट पर हो, पीओ मत,
मैंने कहा शराब में कैलोरी नहीं होती, बस पीओ।

सुबह उठकर खुद को आईने में देखता हूं,
और सोचता हूं रात में यह इंसान कौन था।

पीते हैं तो फिलॉसफर बन जाते हैं,
अगले दिन याद नहीं क्या-क्या बोल जाते हैं।

मेरे दोस्त बोले कम पियो, सेहत बनाओ,
मैंने कहा खुश रहना भी तो सेहत का हिस्सा है।

पेग लगाया तो अंग्रेज़ी आने लगी,
दो पेग में उर्दू और तीन में शायरी।

पीने से पहले सोचता हूं कल से छोड़ूंगा,
पर कल आता है तो वही पुरानी आदत लौट आती है।

दोस्त बोला जिम जाओ, फिट रहो,
मैंने कहा बोतल उठाना भी तो एक एक्सरसाइज है।

रात को नाचता हूं, सुबह को गाता हूं,
यह पेग का असर है या मेरी आदत, कुछ नहीं जानता हूं।

पार्टी में सबसे पहले आना और सबसे बाद में जाना,
यही मेरी जीवनशैली है, इसे बदलना नहीं ज़माना।

चाय पीने वाले दुनिया बदलते हैं कहते हैं,
हम शराब पीने वाले दुनिया को भूल जाते हैं।

Sharabi Shayari 2 Line

पी लेता हूं थोड़ी सी रात को सोने से पहले,
ताकि सपनों में वो आए जो नहीं आता जागते हुए।

शराब और दर्द दोनों पुराने साथी हैं,
रात भर साथ रहते हैं, सुबह छोड़ जाते हैं।

जाम उठाता हूं जब दिल भारी होता है,
पर हल्का नहीं होता, बस थोड़ा धुंधला होता है।

मयखाने की आदत हो गई है अब मुझे,
यहां कोई सवाल नहीं करता, यही अच्छा लगता है।

दो घूंट पीता हूं और हज़ार याद आती हैं,
शराब यादों को भुलाती नहीं, और तेज़ कर देती है।

रात के अंधेरे में एक जाम और एक गीत,
यही मेरी दुनिया है, यही मेरी तकदीर।

पी लो इससे पहले कि दर्द और बढ़ जाए,
जाम उठाने में देर हुई तो रात मुश्किल हो जाए।

शराब से दोस्ती की पर वो भी धोखा दे गई,
सुबह नशा उतरा तो दर्द वापस आ गई।

मयकदे में बैठा हूं अकेला पर भरी महफिल है,
हर बोतल एक कहानी है, हर जाम एक मंज़िल है।

शराबी कहलाता हूं पर शराब से नहीं पीता,
दर्द से पीता हूं, शराब तो बस बहाना है।

एक पेग से नींद आए, दो पेग से दर्द जाए,
तीन पेग में वो याद आए जो जाना चाहिए था।

जाम हाथ में होता है पर दिल तेरे पास होता है,
शराब का नशा उतर जाए, तेरा नशा नहीं जाता।

रात को पीता हूं, सुबह पछताता हूं,
फिर शाम होती है और वही चक्र दोहराता हूं।

बोतल में दुनिया दिखती है अलग ही तरह,
जहां दर्द नहीं होता, सब होते हैं बेफिकर।

शराब पीकर खुद से मिलता हूं कभी-कभी,
वो सच जो दिन में छुपाता हूं, रात को कहता हूं।

Dard Bhari Sharabi Shayari

दर्द था इतना कि आंखें भर आईं,
शराब पी तो आंसू और तेज़ बह आए।

जख्म दिल के थे, शराब से ढांपे,
पर सुबह हुई तो जख्म और ताज़ा दिखे।

ज़िंदगी ने इतने ज़ख्म दिए कि गिन न सका,
शराब पीकर दर्द को थोड़ी देर के लिए छुपा दिया।

रो नहीं सकता था किसी के सामने,
शराब पीकर अकेले में खूब रोया।

दर्द की शायरी लिखते-लिखते पीता हूं,
और पीते-पीते दर्द की शायरी लिखता हूं।

मयखाना मेरी तन्हाई का घर बन गया,
जहां दर्द लेकर जाता हूं, थोड़ा भूलकर आता हूं।

दिल का दर्द बयां करना मुश्किल था बहुत,
शराब ने ज़ुबान खोली तो आंसू भी निकले।

हर बोतल एक राज़ छुपाए होती है,
हर घूंट एक कहानी सुनाता है।

तन्हाई में जब कोई नहीं होता पास,
शराब ही बनती है मेरा आखिरी अहसास।

पीता हूं क्योंकि दर्द सहन नहीं होता,
रुकता हूं क्योंकि खुद से डर लगता है।

दर्द की गहराई शराब से नहीं नापी जाती,
पर पीने के बाद थोड़ी देर तो भूल जाती।

हर रात एक नई वजह से पीता हूं,
और हर सुबह एक नई तकलीफ जीता हूं।

शराब पीकर जो बातें कहता हूं,
वो सच्चाई होती है जो दिन में छुपाता हूं।

मयखाने में बैठकर खुद से बातें करता हूं,
अपने दर्द को अपनी ही शायरी में भरता हूं।

ज़िंदगी का बोझ है कंधों पर बहुत,
शराब की मदद से उठाता हूं हर रात।

Bewafa Sharabi Shayari

बेवफा था तू, मैं भोला था बहुत,
तेरे जाने के बाद शराब ने थाम लिया।

तूने धोखा दिया, मैंने जाम उठाया,
तुझे भूलने का यही एकमात्र रास्ता पाया।

बेवफाई का दर्द सबसे गहरा होता है,
शराब भी उसे पूरा नहीं भर पाती।

तू गया तो मयखाना मेरा घर बन गया,
तेरी यादें और जाम मेरे यार बन गए।

वफा की उम्मीद थी, बेवफाई मिली,
शराब मिली तो थोड़ी तसल्ली मिली।

तेरे वादे झूठे थे, यह बाद में पता चला,
पर तब तक शराब की आदत लग चुकी थी।

बेवफा यारों की याद में पीता हूं,
जो छोड़ गए उनकी कमी महसूस करता हूं।

तूने छोड़ा, दुनिया ने छोड़ा, अब क्या करूं,
शराब के साथ बैठकर अपना दर्द भूलूं।

बेवफाई का ज़ख्म गहरा होता है यार,
शराब उसे भरती नहीं, बस थोड़ा सुन्न कर देती है।

तेरी बेवफाई ने जो दर्द दिया,
शराब पीकर उसे ज़िंदा रखता हूं।

धोखे की रात में शराब ही साथी बनी,
जब तू गया तो बोतल ने हाथ थाम लिया।

बेवफा लोगों को शराब से नहीं भूलते,
पर शराब पीकर थोड़ी देर उनसे दूर हो जाते हैं।

तुझे भूलने की कोशिश में पीता रहा,
पर हर घूंट में तेरी याद और गहरी हो गई।

बेवफा की तस्वीर जाम में दिखती है रात को,
और आंखें भर आती हैं अपनी ही आदत पर।

तूने प्यार में धोखा दिया, यह तेरी गलती थी,
मैंने शराब अपनाई, यह मेरी कमज़ोरी थी।

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Sharabi Status for WhatsApp and Instagram

जाम उठाता हूं जब दुनिया बहुत भारी लगती है,
शराब नहीं पीता, ज़िंदगी की थकान पीता हूं।

मयखाना मेरा दूसरा घर है अब,
जहां कोई सवाल नहीं, सिर्फ जाम है।

रात को शराब, सुबह को काम,
यही मेरी ज़िंदगी का पूरा इंतज़ाम।

पीने वालों को पीने दो, ज़िंदगी छोटी है,
हर लम्हा खुशी से जियो, यही बात मोटी है।

शराब नहीं दोस्त, मेरा दर्द पीता हूं,
जो दिन में छुपाता हूं, रात को जीता हूं।

एक जाम ज़िंदगी के नाम,
बाकी सब बाद में, पहले यह काम।

जो समझे वो पिए, जो न समझे वो पछताए,
शराब नहीं, शायरी पी रहा हूं आज।

मेरी ज़िंदगी की कहानी इस जाम में है,
जो पढ़ना चाहे वो मयखाने में मिलेगा।

पीना मेरा हक है, रोकना मत किसी को,
दर्द मेरा है, शराब मेरी, ज़िंदगी मेरी।

जब दुनिया नहीं समझती, जाम समझता है,
शराब से बेहतर कोई दोस्त नहीं होता।

स्टेटस लगाता हूं तो लोग पूछते हैं क्यों पीते हो,
काश वो जानते कि क्यों न पीऊं।

आज की रात बस जाम और शायरी के नाम,
कल की कल देखेंगे, अभी यह लम्हा खास है।

इंस्टाग्राम पर जाम की तस्वीर डालना,
दिल का हाल बिना बोले बताना।

व्हाट्सएप स्टेटस में शराबी शायरी,
दिल की बात लोगों तक पहुंचाने का तरीका।

पीता हूं क्योंकि दिल का दर्द असली है,
बाकी सब नाटक है, यह जाम असली है।

Gulzar Style Sharabi Shayari

रात के इस पहर में जाम रखा है सामने,
जैसे कोई पुरानी किताब खोली हो खामोशी ने।

शराब पीता हूं तो लगता है वक्त ठहर गया,
जैसे घड़ी ने हाथ जोड़ लिए हों किसी से।

मयखाने की वो खामोशी जो रात को गहरी होती है,
उसमें अपनी आवाज़ ढूंढता हूं हर बार।

जाम उठाते हुए देखता हूं खुद को आईने में,
एक थका हुआ मुसाफिर जो घर भूल गया है।

शराब की बूंदें गिरती हैं जब जाम भरता है,
जैसे वक्त की आंखें भर आती हों यादों से।

रात के तारे और मेरी शायरी गवाह हैं,
इस जाम में कितने सपने डूब गए।

मयकदे की दीवारों ने सुनी हैं मेरी कहानियां,
जो किसी से न कह सका, उन्हें बता दिया।

शराब और शायरी, दोनों एक ही बात कहते हैं,
दर्द को शब्दों में और जाम में छुपाना।

जाम की तह में जो नज़र आता है,
वो सच है जो दिन में दिखना बंद हो जाता है।

गुलज़ार साहब की तरह शायरी करना चाहता हूं,
पर हर लफ्ज़ में दर्द रह जाता है, खूबसूरती जाती है।

मयखाने की छत से चांद दिखता है अजीब तरह,
जैसे वो भी पूछ रहा हो, कब तक पिओगे।

शराब की बोतल में एक कविता छुपी होती है,
जो सिर्फ पीने वाले को सुनाई देती है।

रात के सन्नाटे में जाम की आवाज़ होती है,
जैसे दिल की धड़कन और दर्द का संगम हो।

शराब पीना और शायरी लिखना एक ही है,
दोनों में खुद को खोना और खुद को पाना है।

मयकदे की रात और गुलज़ार की शायरी,
दोनों मिलें तो दर्द भी खूबसूरत लगता है।

Heart Touching Sharabi Shayari

दिल को छू जाती है वो शायरी जो दर्द से निकले,
और शराब वो दर्द है जो अंदर से बाहर आए।

जाम उठाने से पहले एक पल ठहरता हूं,
सोचता हूं कि आज किसकी याद में पियूंगा।

दिल में जो दर्द छुपाए रखता था सालों से,
शराब ने उसे एक रात में बाहर निकाल दिया।

मां की दुआएं और मयखाने का जाम,
दोनों ही मुझे इस दुनिया में थामे हैं।

पीने के बाद बच्चों की तरह रोता हूं,
वो आंसू जो दिन में रोक लेता हूं, रात को बहाता हूं।

शराब ने मुझे वो सच बताया जो आईने ने छुपाया था,
मैं अकेला हूं, टूटा हुआ हूं, पर जी रहा हूं।

हर जाम के साथ एक दुआ मांगता हूं खुदा से,
कि इस दर्द को थोड़ा कम कर दे।

शराबी कहलाता हूं पर दिल में इंसानियत है,
जो दर्द समझे उसे इंसान नहीं कहेंगे क्या।

रात को पीता हूं और सुबह फिर जीता हूं,
यही ज़िंदगी है मेरी, यही मेरी जीत है।

दिल छू जाने वाली शायरी वही होती है,
जो किसी ने दर्द में लिखी हो सच्चाई से।

शराब पीकर खुद से बातें करना,
वो काम है जो कोई दोस्त नहीं करता।

मयखाने में बैठकर जो मिलती है शांति,
वो घर में, मंदिर में क्यों नहीं मिलती।

जाम उठाता हूं तो दिल हल्का होता है,
जैसे किसी ने कंधे पर हाथ रखा हो।

शराब ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है,
कि दर्द से बड़ा कोई उस्ताद नहीं होता।

आखिरी जाम पीकर जब घर जाता हूं,
तो लगता है जैसे ज़िंदगी ने एक और रात माफ किया।

Frequently Asked Questions

शराबी शायरी क्या होती है और इसे कहां उपयोग करते हैं?

शराबी शायरी वह काव्य रचना है जो दर्द, तन्हाई, टूटे दिल और ज़िंदगी की थकान को शराब के रूपक के माध्यम से बयान करती है, और इसे WhatsApp स्टेटस, Instagram कैप्शन, शायरी ग्रुप्स व डायरी लेखन में उपयोग किया जाता है।

क्या शराबी शायरी केवल पीने वालों के लिए होती है?

नहीं, शराबी शायरी एक काव्य शैली है जो दर्द और जज्बातों को व्यक्त करने का माध्यम है और इसे हर वो इंसान पढ़ और लिख सकता है जो जीवन की तकलीफों को महसूस करता हो।

बेस्ट शराबी शायरी 2 लाइन में कैसे लिखें?

दो पंक्तियों की शराबी शायरी लिखने के लिए पहली लाइन में दर्द या स्थिति बताएं और दूसरी लाइन में उसका भावनात्मक निष्कर्ष या मोड़ लाएं जो पाठक के दिल को छू जाए।

गुलज़ार स्टाइल की शराबी शायरी में क्या खासियत होती है?

गुलज़ार स्टाइल की शायरी में रोज़मर्रा की चीज़ों को गहरे प्रतीकों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जहां शराब और जाम केवल पेय नहीं बल्कि दर्द, यादों और खामोशी का रूपक बन जाते हैं।

WhatsApp और Instagram के लिए शराबी शायरी स्टेटस कौन से चुनें?

सोशल मीडिया के लिए ऐसी दो-पंक्ति की शराबी शायरी चुनें जो संक्षिप्त हो, भावनात्मक रूप से गहरी हो, और पाठक को पहली पंक्ति से ही बांध ले।

निष्कर्ष

शराबी शायरी हिंदी साहित्य की वह विधा है जो दिल के सबसे गहरे कोनों से निकलती है और पाठक के दिल तक सीधे पहुंचती है। यह सिर्फ पीने की बात नहीं, बल्कि उस इंसान की कहानी है जो दर्द में भी शब्दों का सहारा लेता है और अपनी तकलीफ को खूबसूरती से बयां करता है।

इस संग्रह की 155 से अधिक शायरियां आपके हर मूड और हर एहसास के लिए तैयार हैं, चाहे वो दर्द हो, रोमांस हो, बेवफाई हो या महज़ ज़िंदगी की थकान। इन्हें अपने स्टेटस में लगाएं, दोस्तों से शेयर करें, और उन लोगों तक पहुंचाएं जो इन्हें पढ़कर खुद को थोड़ा कम अकेला महसूस करें।

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